जनता कर्फ्यू: काशी में पहली बार गंगा घाट और गलियों में भी सन्नाटा, खुद घरों से नहीं निकले लोग

जनता कर्फ्यू: काशी में पहली बार गंगा घाट और गलियों में भी सन्नाटा, खुद घरों से नहीं निकले लोग


जनता कर्फ्यू के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी पूरी तरह सन्नाटे में डूबा रहा। गंगा घाट और गलियां तक पहली बार सूनी पड़ी रहीं। इस तरह से सन्नाटा बनारस वालों ने कभी नहीं देखा था। लोग खुद घरों में कैद रहे। चौबीसों घंटे चहल पहल वाले गोदौलिया, चौक, लंका, मैदागिन और पांडेयपुर जैसे इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। भीड़भाड़ वाली दूध और सब्जी मंडियों में न कोई बेचने वाला पहुंचा न कोई खरीदने वाला आया। मंदिरों के कपाट पहले से ही बंद रहे। शहर में मौजूद दर्शनार्थी और पर्यटक भी होटलों और धर्मशालाओं में कैद रहे। मंडुवाडीह और कैंट रेलवे स्टेशन के सामने की सड़कें भी सुनसान रहीं। बाहर से आई ट्रेनों से जो लोग पहुंचे उनके लिए बसों और आटो का इंतजाम किया गया, ताकि लोग अपने घरों तक पहुंच सकें। केवल जरूरी सेवाओं में लगे इक्कादुक्का लोग ही सड़कों पर दिखाई दे रहे थे। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा और एसएसपी प्रभाकर चौधरी शहर के हृदय स्थल गौदोलिया पहुंचे और मौके का जायजा लिया। 


वाराणसी ने वैसे तो अभी तक कई कर्फ्यू देखे हैं लेकिन जैसा नजारा रविवार को जनता कर्फ्यू में देखने को मिला वैसा कभी नहीं देखा था। अभी तक प्रशासनिक कारणों से लगाए गए कर्फ्यू में भी गंगा घाट और गलियों में किसी तरह की कोई रोकटोक नहीं होती थी। सड़कों पर पाबंदी के कारण गंगा घाट और गलियों में लोग जमे रहते थे। दूध और सब्जी की बिक्री बेरोकटोक गलियों में होती रहती थी। लोग एक कोने से दूसरे कोने तक गलियों से होते हुए आवागमन करते रहते थे। पहली बार गंगा घाट और गलियों में ऐसा कुछ नहीं दिखाई दिया।